Success Stories
सफलता की कहानियाँ

भगिनी निवेदिता शिक्षा समिति (BNSS) द्वारा दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के सामाजिक गतिशीलता और संस्थागत विकास (SM&ID) घटक के तहत गठित राम रहीम स्वा सहायता समूह (SHG) ने एक उल्लेखनीय सफलता की कहानी लिखी है। यह समूह शहरी गरीब महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक मिसाल बन गया है।
समूह के गठन के बाद, BNSS ने सभी SHG सदस्यों को समूह के नियम और विनियम, क्षमता निर्माण, लेखांकन, प्रबंधन और SHG व्यवसाय के बारे में प्रशिक्षण दिया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से सदस्यों ने न केवल अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझा, बल्कि एक सफल समूह चलाने के लिए आवश्यक कौशल भी हासिल किए।

मेरा नाम दानिष सौदागर है मैं छतरपुर का मूल निवासी हूं मेरे पिता का नाम इकवाल है मेरे परिवार में कुल 10 सदस्य है जिसमें से मेरी दो बहनो का विवाह हो चुका है एवं एक बहन का विवाह बाकी है। हमारे परिवार की आर्थिक स्थिती ठीक नहीं होने के कारण हम कोई भी भाई-बहन बहुत अधिक षिक्षा नहीं ले पाएं। मेरे बडे भाई एक चप्पल-जूते की दुकान पर कार्य करते है जिससे उनके परिवार का गुजारा होता है, मेरे पिताजी की एक घर में ही छोटी सी किराने की दुकान है जिससे अधिकतम 200 रू. तक प्रतिदिन बचत हो पाती थी,

अमन परवीन, छतरपुर शहर, मध्य प्रदेश की रहने वाली हैं। कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें एक सही रोजगार के अवसर की तलाश थी। इसी बीच, उन्हें भगिनी निवेदिता शिक्षा समिति (BNSS) छतरपुर ट्रेनिंग सेंटर के बारे में पता चला, जो दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के तहत "रोजगार के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण और प्लेसमेंट (EST&P)" कार्यक्रम चला रहा था।
अमन ने फैशन डिजाइनिंग ट्रेड में प्रशिक्षण लेने का निर्णय लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें फैशन डिजाइनिंग, कपड़ों की सिलाई, ड्रेपिंग, और नए डिजाइन बनाने के बारे में गहन ज्ञान प्राप्त हुआ। उन्होंने "अपैरल एसएससी" द्वारा आयोजित मूल्यांकन को सफलतापूर्वक पास किया, जिससे उनके कौशल को मान्यता मिली।

विकास सिंह, छतरपुर शहर, मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। स्कूल छोड़ने के बाद उनके सामने आर्थिक चुनौतियाँ थीं और उन्हें एक स्थिर रोजगार की तलाश थी। इसी बीच, उन्हें भगिनी निवेदिता शिक्षा समिति (BNSS) छतरपुर ट्रेनिंग सेंटर के बारे में पता चला, जो दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के अंतर्गत "रोजगार के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण और प्लेसमेंट (EST&P)" कार्यक्रम चला रहा था।
विकास ने सुरक्षा गार्ड ट्रेड में प्रशिक्षण लेने का निर्णय लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सुरक्षा संबंधी ज्ञान, शारीरिक प्रशिक्षण, और व्यावहारिक कौशल सिखाए गए। इसके साथ ही, उन्हें संचार कौशल और टीमवर्क जैसे सॉफ्ट स्किल्स भी सिखाए गए, जो उनके व्यक्तित्व विकास में मददगार साबित हुए।

खुशबू, छतरपुर शहर, मध्य प्रदेश की रहने वाली हैं। स्कूल छोड़ने के बाद उनके सामने आर्थिक तंगी और भविष्य को लेकर अनिश्चितता थी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और भगिनी निवेदिता शिक्षा समिति (BNSS) छतरपुर ट्रेनिंग सेंटर में दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के तहत "रोजगार के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण और प्लेसमेंट (EST&P)" कार्यक्रम में ब्यूटी थेरेपिस्ट ट्रेड का प्रशिक्षण लिया।
प्रशिक्षण के दौरान खुशबू ने ब्यूटी और वेलनेस से जुड़े विभिन्न पहलुओं जैसे त्वचा देखभाल, बालों की देखभाल, मेकअप तकनीक, और ग्राहक प्रबंधन के बारे में गहन ज्ञान हासिल किया। उन्होंने ब्यूटी एंड वेलनेस सेक्टर स्किल काउंसिल (B&WSSC) द्वारा आयोजित मूल्यांकन को सफलतापूर्वक पास किया, जिससे उनके कौशल को मान्यता मिली।







