top of page

मेरी सफलता की कहानी

Aman.jpg

अमन परवीन, छतरपुर शहर, मध्य प्रदेश की रहने वाली हैं। कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें एक सही रोजगार के अवसर की तलाश थी। इसी बीच, उन्हें भगिनी निवेदिता शिक्षा समिति (BNSS) छतरपुर ट्रेनिंग सेंटर के बारे में पता चला, जो दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के तहत "रोजगार के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण और प्लेसमेंट (EST&P)" कार्यक्रम चला रहा था।

अमन ने फैशन डिजाइनिंग ट्रेड में प्रशिक्षण लेने का निर्णय लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें फैशन डिजाइनिंग, कपड़ों की सिलाई, ड्रेपिंग, और नए डिजाइन बनाने के बारे में गहन ज्ञान प्राप्त हुआ। उन्होंने "अपैरल एसएससी" द्वारा आयोजित मूल्यांकन को सफलतापूर्वक पास किया, जिससे उनके कौशल को मान्यता मिली।

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, अमन ने छतरपुर के नया मोहल्ला में अपना खुद का बुटिक शुरू किया। उनकी रचनात्मकता और प्रशिक्षण से प्राप्त कौशल ने उन्हें ग्राहकों का विश्वास हासिल करने में मदद की। आज वह अपने बुटिक से लगभग ₹20,000 प्रति माह कमा रही हैं। यह न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को सुधार रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद कर रहा है।

अमन कहती हैं, "BNSS और DAY-NULM ने मेरे सपनों को पंख दिए हैं। मैंने कॉलेज की पढ़ाई तो पूरी कर ली थी, लेकिन इस प्रशिक्षण ने मुझे एक नई पहचान दी। आज मैं अपने पैरों पर खड़ी हूँ और अपने परिवार का समर्थन कर रही हूँ।"

अमन की यह सफलता उन सभी युवतियों के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए संघर्ष कर रही हैं। कौशल विकास और सही मार्गदर्शन से वे भी अपने जीवन में बदलाव ला सकती हैं।

मैं, अमन परवीन, भगिनी निवेदिता शिक्षा समिति (BNSS) के निदेशक मोहसिन खान सर और छतरपुर नगर परिषद के सिटी मिशन मैनेजर सी.पी. गुप्ता सर का हृदय से आभार व्यक्त करना चाहती हूँ। आपके मार्गदर्शन और समर्थन के कारण ही मुझे फैशन डिजाइनिंग ट्रेड में प्रशिक्षण का अवसर मिला और आज मैं अपना खुद का बुटिक चला रही हूँ। आपके प्रयासों और DAY-NULM जैसी योजनाओं के माध्यम से मेरे जैसी कई लड़कियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। मैं आपके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करती हूँ और आशा करती हूँ कि आप इसी तरह समाज के वंचित वर्ग के लोगों के लिए काम करते रहेंगे। धन्यवाद!

एक बार फिर मैं सभी का दिल से धन्यवाद करती हूं....!

अमन परवीन
 

bottom of page