मेरी सफलता की कहानी

विकास सिंह, छतरपुर शहर, मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। स्कूल छोड़ने के बाद उनके सामने आर्थिक चुनौतियाँ थीं और उन्हें एक स्थिर रोजगार की तलाश थी। इसी बीच, उन्हें भगिनी निवेदिता शिक्षा समिति (BNSS) छतरपुर ट्रेनिंग सेंटर के बारे में पता चला, जो दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के अंतर्गत "रोजगार के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण और प्लेसमेंट (EST&P)" कार्यक्रम चला रहा था।
विकास ने सुरक्षा गार्ड ट्रेड में प्रशिक्षण लेने का निर्णय लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सुरक्षा संबंधी ज्ञान, शारीरिक प्रशिक्षण, और व्यावहारिक कौशल सिखाए गए। इसके साथ ही, उन्हें संचार कौशल और टीमवर्क जैसे सॉफ्ट स्किल्स भी सिखाए गए, जो उनके व्यक्तित्व विकास में मददगार साबित हुए।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, BNSS ने विकास को एक प्रतिष्ठित सुरक्षा गार्ड एजेंसी में प्लेस किया। आज विकास एक सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहे हैं और उन्हें महीने की तनख्वाह के रूप में Rs. 16,500/- मिल रहे हैं। यह नौकरी न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को सुधार रही है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ा रही है।
विकास कहते हैं, "BNSS और DAY-NULM ने मेरी जिंदगी बदल दी। मैंने स्कूल छोड़ दिया था, लेकिन इस प्रशिक्षण ने मुझे एक नई दिशा दी। आज मैं अपने परिवार की जिम्मेदारी उठा रहा हूँ और एक बेहतर भविष्य की उम्मीद कर रहा हूँ।"
विकास की यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो किसी कारणवश शिक्षा पूरी नहीं कर पाए हैं। कौशल विकास और सही मार्गदर्शन से वे भी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
मैं, विकास सिंह, भगिनी निवेदिता शिक्षा समिति (BNSS) के निदेशक मोहसिन खान सर और छतरपुर नगर परिषद के सिटी मिशन मैनेजर सी.पी. गुप्ता सर का हृदय से आभार व्यक्त करना चाहता हूँ। आपके मार्गदर्शन और समर्थन के कारण ही मुझे सुरक्षा गार्ड ट्रेड में प्रशिक्षण का अवसर मिला और आज मैं एक स्थिर रोजगार प्राप्त कर सका हूँ। आपके प्रयासों और DAY-NULM जैसी योजनाओं के माध्यम से मेरे जैसे कई युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। मैं आपके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ और आशा करता हूँ कि आप इसी तरह समाज के वंचित वर्ग के लोगों के लिए काम करते रहेंगे। धन्यवाद!
एक बार फिर मैं सभी का दिल से धन्यवाद करता हूं....!
आपका प्रिय- विकास सिंह







